राष्ट्रीय पर्व पर शान से फहरा तिरंगा

//राष्ट्रीय पर्व पर शान से फहरा तिरंगा

राष्ट्रीय पर्व पर शान से फहरा तिरंगा

राष्ट्र के विकास की डगर पे, चल चलो ऐ साथियों…

          कामिनी मोहन

वाराणसी/दिल इंडिया लाइव

हमारा दायित्व देश के गणतंत्र की नींव को मजबूत करना है। यह स्वयं के द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों को ईमानदारी पूर्वक निभाने पर ही संभव है। प्रत्येक देशवासी को विकास में अपना योगदान देना चाहिए। यह कहना है 71 वें गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेल्जियम से शैक्षिक भ्रमण पर आए बेल्जियम यूनिवर्सिटी के प्रो. बर्ट आल्फोन्साइन का। वह वाराणसी अपने स्नातक विद्यार्थियों के साथ शैक्षिक भ्रमण पर आए हुए हैं। वे झंडारोहण के पश्चात कलासाधकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि हम देश को प्रथम स्थान पर रखते हुए कार्य करे तो देश का सर्वांगीण विकास होगा। इससे एकता और विश्व बंधुत्व की भावना भी विकसित होगी। 

  नवसाधना कला केन्द के प्राचार्य डॉ. फादर विल्फ्रेड मोरस ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों को मानने पर हमें गर्व होना चाहिए। संविधान ही हमारे लोकतंत्र और स्वतंत्रता को मजबूती प्रदान करता है। इससे पूर्व उन्होंने मुख्य अतिथि के साथ झंडारोहण किया व परेड की सलामी लीं। जोश और उमंग से भरे राष्ट्रीय पर्व को कलासाधकों ने सुर-ताल और नृत्य की लय से संवारा। थिरकते पांवों ने लय देकर एकता का संदेश दिया। भरतनाट्यम नृत्य और देश भक्ति से भरे गीतों ने खूब रंग जमाया। 

मिलन हॉल में आयोजित ‘गणतंत्र दिवस’ कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य का शुभारम्भ कलासाधकों द्वारा प्रस्तुत ताल दादरा में देश भक्ति गीत राष्ट्र के विकास की डगर पे, चल चलो ऐ साथियों गीत से हुआ। इसे गायन के कलासाधक चार्ली सिंह, श्रेया कुमारी, अदिति गौतम,निशी, मंजीत, करण, मोहित, मनीष यादव विनोद, प्रज्ज्वल, रंजीत व अभिषेक ने मंच पर प्रदर्शित किया। तबले पर प्रो. राकेश एडविन ने और हारमोनियम पर अभिषेक और गिटार पर प्रज्ज्वल व कैसियो पर करण ने संगत किया। गीत रचना व संगीत संयोजन डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद तिवारी ने किया। भरतनाट्यम के कलासाधकों ने वंदे मातरम् गीत के बोलों पर देश को एकसूत्र में पिरोते हुए भरतनाट्यम, मोहिनी अट्टम एवं कुचीपुड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। कलासाधकों ने इसे विविध भाव भंगिमाओं से प्रस्तुत कर ढेरों तालियां बटोरीं। भरतनाट्यम को जैस्मिन, सुमिता, अनीषा, जयंति व अरुण ने मोहिनीअट्टम को सपना, संध्या ,अर्नित, तेरेसा, अनुष्का ने और कुचीपुड़ी को शेली, शैरोन, ऋचा, रोशन, फिलोमिना, फ्रांसिस्का, रुचिका, सोनिया, गीता व मानसी ने प्रस्तुत किया। नृत्य संयोजन प्रो. ए. रॉबिन ने किया।  

 कलासाधकों ने प्रो. रोस्मा रुबा के निर्देशन में देश की अखंडता व एकता को दर्शाता केरल, तमिलनाडू, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, आसाम, बिहार व महाराष्ट्र के लोक नृत्य प्रस्तुत कर भारत मां को वंदन किया। इसमें प्रीति, निशा, अंकिता, विंशिका, प्रिया, सलमा, अर्चना, रोज, नेहा, सोनम, सुप्रिया, अरुण, निकिता, अंजना, हिना, अस्मिता, डेविड रुथ, एक्जिना शामिल रहीं। कलासाधकों ने असम के बोडो जनजाति के लोक नृत्य प्रस्तुत किया। सभी ने जनजाति में प्रचलित वाद्य सेरजा, खम, जोटा, गोंगवाना के मद्धिम ताल पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्यकारों के पदसंचालन व मुद्राओं ने सभी को मुग्ध किया। नृत्य संयोजन नेहा केसरी ने किया। इसे मंच पर ज्योति, दयामणि, निशा, रेशमा, काजल, सुष्मिता, श्रेया, प्रोमिला, प्रीति, सोनम, मेरी, रिया, प्रिस्का, ऐंसी, ऐश्वर्या एवं शशि ने प्रस्तुत किया। इस मौके पर बेल्जियम के छात्र-छात्राओं ने भी समूह गायन करके एकता का संदेश दिया। डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद तिवारी, रोशन व सलमा ने गणतंत्र दिवस को संवैधानिक अधिकार और स्वतंत्रता के संदर्भ में व्याख्यान प्रस्तुत किया। उपप्राचार्य सिस्टर रोज़ली, फादर सुनील मथाइस, सिस्टर अगाथा, सिस्टर संगीता, सिस्टर हेमलता, डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद तिवारी, गोविंद वर्मा, ए. रॉबिन, नेहा केसरी, राकेश एडविन, सूरज, सॉमुएल हेम्ब्रम समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन निकिता ने व धन्यवाद प्रकाश ने ज्ञापित किया।

मदरसों में भी गणतन्त्र दिवस धूमधाम से मना                        

गणतंत्र दिवस मदरसों में भी धूमधाम से मनाया गया, मदरसा खानमजान अरबिक स्कूल  अर्दली बाजार में ध्वजारोहण कर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए। समारोह के मुख्य अतिथि विकास प्राधिकरण के सचिव व काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यापालक अधिकारी विशाल सिंह थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री अजय सिंह वा एसडीएम बिनोद कुमार सिंह थे। अतिथियों का स्वागत मदरसा उप प्रबंधक शहाबुद्दीन लोदी ने किया तो शुक्रिया प्रबंधक दानिश शहाब व संचालन इरफाना यास्मीन ने किया।            इसी तरह मदरसा तालिमाते निस्वा, मदरसा मजहरूल उलूम, मदरसा चिराग उलूम, मदरसा फारुकिया, मदरसा रिज़वानिया, मदरसा हमीदिया रिज़विया, मदरसा गौसिया, मदरसा मजीदिया सहित सभी अनुदानित व गैर अनुदानित मदरसों मे ध्वजारोहण किया गया।

जमीअतुल अंसार कार्यालय में शान से लहराया तिरंगा

सामाजिक संस्था जमीअतुल अंसार के पीली कोठी, आजाद पार्क स्थित कार्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया, समारोह के मुख्य अतिथि मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने ध्वजारोहण किया तो विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये। संस्था के महासचिव इशरत उस्मानी ने अतिथियों का स्वागत किया एवं सचिव मुफ्ती जियाउल इस्लाम कासमी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संचालन मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी ने किया।

इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए तथा समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लियासंस्था के अध्यक्ष डा. रियाज अहमद, हाजी अब्दुल वहीद, सरदार सलीमुल्लाह, युवा अधिवक्ता अंकुर पटेल, मौलाना अब्दुल अजीज, मोहम्मद अहमद रजा कमाली, समन यादव प्रियांशु गुप्ता, जमाल अहमद सभासद, निशांत, जुल्फिकार अहमद इरशाद अहमद, अखलाक अहमद, इरफान अहमद, हाजी मोहम्मद शरीफ आदि उपस्थित थे

By |2020-01-27T06:39:18+00:00January 27th, 2020|आस्था\पर्व|Comments Off on राष्ट्रीय पर्व पर शान से फहरा तिरंगा

About the Author:

I started my career as a journalist in August 1999 with the Hindi daily Sanmarg. This letter of Dharmasangha gave me a strong identity. From October 2007 to 2010, I worked in Amar Ujala and Compact and spread across the country. When the Rashtriya Sahara Varanasi unit was launched, I was called there and from October 2010 to March 2019 I was part of this unit. Today when the world started changing, things started going digital, so I started my career as an editor in digital media with Dil India Live. This platform of mine does not work nor receive financial help from any political party, spokesperson of any social or religious organization. मैंने बतौर पत्रकार कैरियर कि शुरुआत अगस्त 1999 में हिन्दी दैनिक सन्मार्ग से किया था। धर्मसंघ के इस पत्र से मुझे मज़बूत पहचान मिली। अक्टूबर 2007 से 2010 तक मैंने अमर उजाला और काम्पैक्ट में काम किया और देश भर में छा गया। राष्ट्रीय सहारा वाराणसी यूनिट लांच हुई तो मुझे बुलाया गया वहा अक्टूबर 2010 से मार्च 2019 तक मैं इस यूनिट का हिस्सा था। आज जब दुनिया में बद्लाव शुरू हुआ, चीज़े डिज़िटल होने लगी तो मैं भी डिज़िटल मीडिया में बतौर सम्पादक अपने कैरियर कि नई शुरूआत दिल इंडिया लाइव के साथ की। मेरा यह प्लेट्फार्म किसी सियासी दल, किसी सामजिक या धार्मिक संगठन का प्रवक्ता बन कर न तो काम करता है और न ही किसी से आर्थिक मदद प्राप्त करता है।