आज दुनिया भर में मनाई जा रही ईस्टर कि खुशी

//आज दुनिया भर में मनाई जा रही ईस्टर कि खुशी

आज दुनिया भर में मनाई जा रही ईस्टर कि खुशी

कब्र खुली और मौत को मात दे जी उठे थे प्रभु यीशु

अमन

प्रभु ईसा मसीह मौत को मात देकर कब्र से पुन: जी उठे थे। ये वो सच्चाई थी जिसे हज़ारो-हज़ार लोगों ने अपनी खुली आंखों से देखा था। इसी के चलते उन पर भरोसा लोगों का बढ़ता गया। वाराणसी धर्मप्रांत के बिशप यूज़ीन जोसेफ कहते हैं कि शुक्रवार को सलीब पर चढ़ा कर दुश्मनों ने उन्हें मौत दी, कब्र के सुपुर्द कर दिया, इस दौरान प्रभु ईसा ने सलीब पर सात बचन दिये और मारने वालों के लिए दुआ करते हुए कहा कि ऐ प्रभु इन्हें क्षमा करना क्यों कि ये नहीं जानते की ये क्या कर रहे हैं। क्रूस पर उनकी मौत हुई, मौते को दो दिन गुज़रता है और पुन: ईसा मसीह कब्र को चीरते हुए जी उठते हैं। इस खुशी को क्रिश्चियन पुनुरुत्थान दिवस के रूप में मनाते हैं। जिसे ईस्टर कहा जाता है।  चर्च आफ बनारस के पादरी बेेेन जान की माने तो दुनिया में प्रभु ईसा मसीह फिर आयेंगे, ठीक वैसे ही उनकी कब्र खुल जायेगी और प्रभु ईसा अपनी ही भांति हमारा भी पुनरुत्थान करेंगे। उनके ही साथ स्वर्गलोक में हम सब होंगे। रामकटोरा चर्च के पादरी आदित्य कुमार कहते हैं कि प्रभु ईसा मसीह का पुनुरुत्थान निश्चियात्मक और प्रमाणिक है। क्रूस पर अपने प्राण निछावर करने के बाद प्रभु के मृत शरीर को तीन घंटे के भीतर एक गुफानुमा चट्टानी कब्र में पूरी रीति रस्म के बाद इत्र और कफन में लपेट कर रखा गया था। उस दौरान यहूदी सिपाही कब्र की सुरक्षा में लगे हुए थे। कब्र का मुंह विशाल पत्थर से ढका गया व उस पर मुंहर लगाकर कब्र सील कर दी गई गयी थी। लेकिन प्रभु ईसा अपनी मृत्यु के तीसरे रोज़ पुन: जी उठे। इसी सच्चाई को हम सब ईस्टर पर पुन: याद करते है और खुशी मनाते हैं। विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रीज के पास्टर अजय कुमार व एसपी सिंह कहते हैं कि प्रभु ईसा मसीह के पुनुरुत्थान को पूरा संसार उत्साह से याद करता है और खुशी मनाता है। इस दिन का महत्व ईसा मसीह के जन्म दिन क्रिसमस से भी ज्यादा है। यही वजह है कि जगह-जगह ईस्टर मेला लगता है। लोग एक दूसरे को ईस्टर की बधाईयां देते हैं। सेंट पॉल चर्च के पादरी सैम जोशुआ सिंह कहते हैं कि ईस्टर की खुशी और बधाईयों में कहीं हम ईस्टर का मूल उद्देश्य न भूल जाये इसलिए लोगों को चाहिए कि ईस्टर के दिन अपने बुुुुज़ुर्गो की कब्रों पर जाये वहां साफ-सफाई करें व उनके उत्थान के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करे। तभी ईस्टर का सही अर्थ पूरा होगा।

ईस्टर को पुनरुत्थान दिवस की खुशी के रूप में किया सेलीब्रेट

देश-दुनिया में शानिवार कि मध्य रात्रि से शुरु हुआ ईस्टर का जश्न इतवार को अपने शबाब पर था। कैथलिक व प्रोटेस्टेंट मसीही समुदाय ने इतवार की सुबह ईस्टर को पुनुरुत्थान दिवस की खुशी के रूप में सेलीब्रेट किया। इस दौरान जुलूस निकले, चर्चो व गिरजाघरों में विशेष आराधना सभा हुई। लोगों ने एक दूसरे को ‘‘हैप्पी ईस्टर’ कहकर विश किया। बनारस में सेंट मेरीज महागिरजा में ईस्टर संडे सुबह 8 बजे वाराणसी धर्मप्रांत की ओर से मनाया गया, इसमें हिन्दी व अंग्रेजी में अलग-अलग आराधना करायी गयी। बिशप यूज़ीन जोसेफ की अगुवाई व पल्ली पुरोहित फादर विजय शांतिराज की मौजूदगी में फादर चन्द्रकांत, फादर आरोग्य दास, फादर सीरील, फादर थामस आदि मौजूद थे। इस मौके पर विदेशी सैलानियों ने भी महागिरजा में आराधना की।

तेलियाबाग, रामकटोरा से निकला कैंडिल मार्च

रामकटोरा सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार ने प्रार्थना सभा को सम्बोधित करते हुए ईसा मसीह की महानता और उनके चमत्कार पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मसीही गीत से पूरा चर्च गूंजायमान हो उठा। इससे पहले सुबह जुलूस निकला जिसमें कैंडिल लेकर ईसाई समुदाय के नर नारियों और बच्चों ने गीत गया। जुलूस चर्च कम्पाउंड से निकलकर मलदहिया, परेडकोठी के इर्द-गिर्द होता हुआ वापस चर्च पहुंचा। यहां पादरी आदित्य कुमार ने बताया कि पुनुरुत्थान दिवस हम सभी की खुशी का दिन होता है इस दिन प्रभु ईसा ने अपनी शहादत के बाद कब्र से पुन: जीवित होकर यह दिखा दिया था कि ईश कभी मरता नहीं है। यहां लोगों में ईस्टर ऐग और बन का तबरूक भी बांटा गया।

सेंट पाल र्चच में ईस्टर की खुशी

सिगरा स्थित सेंट पाल र्चच में पुनरुत्थान दिवस पादरी सैम जोशुआ की अगुवाई में मनाया गया। यहां गीत, अब जी उठा है मसीह आल्लेलूया..। इसके बाद तमाम लोगों ने एक दूसरे को मिठाईयां बांटी और विश किया, हैप्पी ईस्टर..की गूंज चर्च में देर तक सुनायी देती रही। इवॉन रेनू, जैकी राइस, सैमसंग दास, नीताशा, लायर, एन. डेनियल, संजय ओरिल, नरेन्द्र डेनियल, अशोक दान, रवि, मनीष इमैनुअल आदि मौजूद थे।

चर्च ऑफ बनारस में नाटय़ का मंचन

र्चच ऑफ बनारस छावनी में पादरी बेन जॉन की अगुवाई व सु जॉन के संयोजन में ईस्टर मनाया गया। ईस्टर पर यहां नाटय़ का मंचन हुआ जिसमें चर्च के बच्चों ने प्रभु यीशु का कब्र से जी उठने को अपनी अभिव्यक्ति से मंच पर दर्शाया। यहां अंत में लोगों ने ईस्टर लंच भी किया। इस दौरान पादरी बेन जॉन ने कहा कि ईसा मसीह द्वारा कब्र का पत्थर तोड़ कर शहादत के बाद जी उठना इस बात का प्रतीक है कि शैतान और उसकी शक्तियों पर प्रभु विजयी हुए। उन्होंने ईस्टर के मूल्य उद्देश्यों पर रोशनी डालते हुए कहा कि ईसाई धर्म में महिलाओं को विशेष अधिकार दिये गये हैं, माता मरियम से लेकर मदर टेरेसा तक तमाम ऐसी महिलाएं ईसाई धर्म में हुई जिन्होंने अपने काम से अपनी पहचान विश्व स्तर पर बनायी।

लाल गिरजा में हुई आराधना

लाल गिरजाघर की कलीसिया ने सुबह कटिंग मेमोरियल से कैंडिल मार्च निकला जिसमें बड़ी संख्या में मसीही हाथों में कैडिंल लिए हुए थे। जुलूस गिरजाघर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। इस दौरान पादरी संजय दान ने बाइबिल पाठ एवं विशेष गीत गाये गये। शुरूआत में गिरजाघर के सचिव विजय दयाल ने लोगों का ज़ोरदार स्वागत किया। यहां गीत, ‘‘बोलो जय मिलकर जय, बोलों जय यीशु की जय..।’ व ‘‘अब जी उठा है मसीह, दिन है खुशी का सरीह, जिंदा है और रहेगा।’ यहां शीला पॉल, पंकज फिलिप्स, डा. रोशनी फिलिप्स, रोमी सिंह, नील चरण कमल, डेविड, रोहित चरण आदि मौजूद थे। ऐसे ही सेंट थामस चर्च में पादरी न्यूटन स्टीवन, महमूरगंज स्थित सेंट बेटलफूल गॉस्पल र्चच में पास्टर एंडू थामस, विजेता प्रेयर फिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार व पास्टर एसपी सिंह, ईसीआई चर्च मेंं पास्टर नवीन ज्वाय, पास्टर दशरथ पवार कि अगुवाई में ईस्टर मनाया गया। तमाम चर्चेज में ईस्टर की धूम रही, लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर हैप्पी ईस्टर कह बधाईयां दी।

By |2019-04-21T10:45:05+00:00April 21st, 2019|Uncategorized|Comments Off on आज दुनिया भर में मनाई जा रही ईस्टर कि खुशी

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